बरसात के मौसम में कैसे बदलें अपनी जीवन शैली

बरसात के मौसम में कैसे बदलें अपनी जीवन शैली

1. आयुर्वेद हमेशा अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने और मौसमी विकार से खुद को बचाने के लिए रितु (मौसम) के अनुसार जीवन शैली की व्याख्या करता है। वर्षा ऋतु में चंद्रमा अधिक शक्तिशाली होता है, पृथ्वी ठंडी हो जाती है।

 

इस मौसम में अग्नि (पाचन क्रिया) और बाला (शक्ति) स्वाभाविक रूप से कमजोर होती है। इसमें रितु वाला दोष बढ़ जाता है और पित्त दोष संचय अवस्था में होता है।

 

बरसात के मौसम में खान-पान और रहन-सहन:-

 

1. ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जो शहद के साथ खट्टे, नमकीन, आसानी से पचने योग्य और गर्म हों।

 

2. पुराने अनाज हिंगर और काली मिर्च का प्रयोग करना चाहिए।

 

3. पशु मांस से बचना चाहिए।

 

4. उबले पानी का सेवन करना चाहिए।

5. परफ्यूम, सुगंधित ज्वाला का प्रयोग करें।

Dr. Ruchi Bhardwaj एक्टिव आयु लाइफमें वरिष्ठ आयुर्वेद सलाहकार हैं। इस मौसम में बस्ती कर्म (औषधीय तेल एनीमा)। यह पाचन स्वास्थ्य के साथ-साथ इम्युनिटी बढ़ाने के लिए भी बहुत अच्छा है।

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