कमर दर्द के कारण, लक्षण, इलाज, ओर घरेलू उपचार – Back Pain Home Remedies in Hindi

एक फिजियोथेरेपिस्ट आपको पुराने पीठ दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकता है और भविष्य में इसे रोकने  आप अपने पीठ दर्द को कम करने और अपनी पीठ को खुश रखने के लिए एक अनुकूलित योजना प्राप्त करने के लिए Dr Dinesh Bhardwaj  फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ को मिल सकते हैं।

 घंटों ऑफिस की कुर्सी पर बैठना हो, खड़े होकर घर का काम करना हो या दौड़-भाग का कोई काम हो, कमर दर्द या पीठ दर्द की शिकायत हो सकती है। किसी को यह दर्द तेज, तो किसी को हल्का हो सकता है। एक वक्त था, जब यह समस्या उम्र बढ़ने पर होती थी, लेकिन आज यह परेशानी 10 में से 8 लोगों में पाई जा सकती है (1)। वहीं, कमर दर्द का उपाय अगर वक्त रहते न किया जाए, तो आगे चलकर यह दर्द चिंता का कारण बन सकता है। ऐसे में हल्के-फुल्के दर्द के लिए कमर दर्द के घरेलू इलाज किये जा सकते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम इस लेख में कमर दर्द का कारण और लक्षण के साथ-साथ कमर में दर्द का इलाज बताने जा रहे हैं। ध्यान रहे कि समस्या अगर गंभीर है, तो डॉक्टरी उपचार जरूर करवाएं।

विषय सूची

  • कमर दर्द कितने प्रकार का होता है?
  • कमर दर्द के कारण
  • कमर दर्द के कुछ सामान्य कारण
  • कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह से कमर दर्द
  • कमर दर्द के लक्षण
  • कमर दर्द (पीठ दर्द) का घरेलू इलाज
  • कमर दर्द का इलाज
  • कमर दर्द से बचने के लिए सोने का सही तरीका
  • कमर दर्द से बचने के लिए बैठने का सही तरीका
  • कमर और पीठ दर्द के लिए योगासन
  • डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए?

कमर दर्द कितने प्रकार का होता है?


मैकेनिकल – यह दर्द रीढ़, इंटरवर्टेब्रल डिस्क या नरम ऊतकों के कारण हो सकता है। यह आमतौर पर स्पाइनल स्टेनोसिस (Spinal Stenosis – रीढ़ की हड्डी का सिकुड़ना) या स्लिप डिस्क (Slip Disc – स्पाइन को सहारा देने वाली डिस्क में से किसी एक का क्षतिग्रस्त होकर अपनी जगह से निकलना) जैसी समस्याओं के कारण हो सकता है। यह दर्द 4 से 6 हफ्तों तक रह सकता है

इन्फ्लेमेटरी – जो मुख्य रूप से सूजन के कारण स्पोंडिलारोथ्रोपथिस (Spondyloarthropathies – जोड़ों से संबंधित पुरानी बीमारी का समूह) के कारण होता है। यह दर्द पुराना होता है और यह स्पॉन्डिलाइटिस (Spondylitis – रीढ़ की हड्डी में सूजन) जैसी बीमारी के कारण भी हो सकता है

ऑन्कोलॉजिक – नर्व के संकुचन या मैरो कैंसर (Cancers of the Marrow) के कारण हो सकता है

संक्रामक: रीढ़ या डिस्क से जुड़े किसी संक्रमण और स्पाइन में घाव की वजह से कमर दर्द हो सकता है

एक्यूट कमर दर्द – यह सबसे सामान्य कमर दर्द होता है, जिसकी शिकायत अधिकतर लोग करते हैं। यह अचानक हो सकता है और कुछ दिनों या हफ्तों तक रह सकता है। यह कुछ वक्त के आराम से ठीक भी हो सकता है।

क्रॉनिक कमर दर्द – वहीं, क्रॉनिक कमर दर्द पुराना होता है और लंबे वक्त तक जैसे – 6 महीने से ज्यादा रह सकता है !

कमर दर्द के कुछ सामान्य कारण –

  • अधिक भारी वस्तुओं को बार-बार उठाना।
  • अचानक या झटके से उठना या बैठना।
  • गलत मुद्रा (सही तरीके से न खड़ा होना और न बैठना)।
  • तनाव – मांसपेशियों में खिंचाव।
  • किसी प्रकार की चोट या एक्सीडेंट।

कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह से कमर दर्द  

  • गठिया
  • सायटिका (एक नस होती है – जब इसमें दर्द होता है, तो उसे सायटिका कहते हैं)
  • रीढ़ की हड्डी का सिकुड़ना (Spinal Stenosis)
  • ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis – हड्डियों की कमजोर होने की समस्या)

एक फिजियोथेरेपिस्ट आपको पुराने पीठ दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकता है और भविष्य में इसे रोकने  आप अपने पीठ दर्द को कम करने और अपनी पीठ को खुश रखने के लिए एक अनुकूलित योजना प्राप्त करने के लिए Dr Dinesh Bhardwaj  फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ को मिल सकते हैं।

 घंटों ऑफिस की कुर्सी पर बैठना हो, खड़े होकर घर का काम करना हो या दौड़-भाग का कोई काम हो, कमर दर्द या पीठ दर्द की शिकायत हो सकती है। किसी को यह दर्द तेज, तो किसी को हल्का हो सकता है। एक वक्त था, जब यह समस्या उम्र बढ़ने पर होती थी, लेकिन आज यह परेशानी 10 में से 8 लोगों में पाई जा सकती है (1)। वहीं, कमर दर्द का उपाय अगर वक्त रहते न किया जाए, तो आगे चलकर यह दर्द चिंता का कारण बन सकता है। ऐसे में हल्के-फुल्के दर्द के लिए कमर दर्द के घरेलू इलाज किये जा सकते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम इस लेख में कमर दर्द का कारण और लक्षण के साथ-साथ कमर में दर्द का इलाज बताने जा रहे हैं। ध्यान रहे कि समस्या अगर गंभीर है, तो डॉक्टरी उपचार जरूर करवाएं।

विषय सूची

कमर दर्द कितने प्रकार का होता है?

  • कमर दर्द के कारण
  • कमर दर्द के कुछ सामान्य कारण
  • कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह से कमर दर्द
  • कमर दर्द के लक्षण
  • कमर दर्द (पीठ दर्द) का घरेलू इलाज
  • कमर दर्द का इलाज
  • कमर दर्द से बचने के लिए सोने का सही तरीका
  • कमर दर्द से बचने के लिए बैठने का सही तरीका
  • कमर और पीठ दर्द के लिए योगासन
  • डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए?

कमर दर्द कितने प्रकार का होता है?

मैकेनिकल – यह दर्द रीढ़, इंटरवर्टेब्रल डिस्क या नरम ऊतकों के कारण हो सकता है। यह आमतौर पर स्पाइनल स्टेनोसिस (Spinal Stenosis – रीढ़ की हड्डी का सिकुड़ना) या स्लिप डिस्क (Slip Disc – स्पाइन को सहारा देने वाली डिस्क में से किसी एक का क्षतिग्रस्त होकर अपनी जगह से निकलना) जैसी समस्याओं के कारण हो सकता है। यह दर्द 4 से 6 हफ्तों तक रह सकता है

इन्फ्लेमेटरी – जो मुख्य रूप से सूजन के कारण स्पोंडिलारोथ्रोपथिस (Spondyloarthropathies – जोड़ों से संबंधित पुरानी बीमारी का समूह) के कारण होता है। यह दर्द पुराना होता है और यह स्पॉन्डिलाइटिस (Spondylitis – रीढ़ की हड्डी में सूजन) जैसी बीमारी के कारण भी हो सकता है

ऑन्कोलॉजिक – नर्व के संकुचन या मैरो कैंसर (Cancers of the Marrow) के कारण हो सकता है

संक्रामक: रीढ़ या डिस्क से जुड़े किसी संक्रमण और स्पाइन में घाव की वजह से कमर दर्द हो सकता है

एक्यूट कमर दर्द – यह सबसे सामान्य कमर दर्द होता है, जिसकी शिकायत अधिकतर लोग करते हैं। यह अचानक हो सकता है और कुछ दिनों या हफ्तों तक रह सकता है। यह कुछ वक्त के आराम से ठीक भी हो सकता है।

क्रॉनिक कमर दर्द – वहीं, क्रॉनिक कमर दर्द पुराना होता है और लंबे वक्त तक जैसे – 6 महीने से ज्यादा रह सकता है !

कमर दर्द के कुछ सामान्य कारण –

  • अधिक भारी वस्तुओं को बार-बार उठाना।
  • अचानक या झटके से उठना या बैठना।
  • गलत मुद्रा (सही तरीके से न खड़ा होना और न बैठना)।
  • तनाव – मांसपेशियों में खिंचाव।
  • किसी प्रकार की चोट या एक्सीडेंट।

कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह से कमर दर्द

  • गठिया
  • सायटिका (एक नस होती है – जब इसमें दर्द होता है, तो उसे सायटिका कहते हैं)
  • रीढ़ की हड्डी का सिकुड़ना (Spinal Stenosis)
  • ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis – हड्डियों की कमजोर होने की समस्या)

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